एक नदी के एक किनारे पर एक सियार और एक ऊंट रहता था। सियार ने नदी के दूसरी ओर जाने और वहाँ केकड़ों को खाने की इच्छा की। लेकिन उसे नहीं पता था कि नदी को कैसे पार किया जाए। वह ऊंट के पास गया और उसे बताया कि नदी के दूसरी तरफ बहुत गन्ना है। ऊंट जानकारी के बदले में सियार को नदी के पार ले जाने को तैयार हो गया।
     
उठ और सियार की कहानी
Tit for tat
   

 सियार ऊंट की पीठ में बैठ गया और उन्होंने नदी पार कर ली। दूसरे बैंक में पहुँचने पर सियार नीचे कूद गया और केकड़ों को खाने लगा। ऊंट गन्ना खाने गया था। सियार ने खाना जल्दी खत्म कर दिया और हॉवेल के पास गोल चक्कर लगाने लगा। ग्रामीणों ने बाहर निकलकर डंडे से ऊंट को पीटा। ऊंट दौड़ कर नदी की तरफ चला गया। सियार उसकी पीठ पर कूद गया।
      
ऊंट ने सियार से पूछा कि उसने ऐसी चाल क्यों खेली। यह करने के लिए उन्होंने कहा कि यह उनकी आदत थी कि एक अच्छे भोजन के बाद हॉवेल। ऊंट ने एक बार कहा था कि उसकी आदत एक अच्छा भोजन स्नान करने की थी। वह नदी में लुढ़क गया और सियार डूब गया।